JSSC CGL जांच में बड़ा एक्शन: IG अनूप बिरथरे समेत 8 IPS अफसरों को मिली कमान, 37 संदिग्धों से पूछताछरांची: झारखंड में JSSC CGL परीक्षा को लेकर चल रही जांच अब और तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CID ने 17 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है। इस टीम की कमान STF के IG अनूप बिरथरे को सौंपी गई है। उनके साथ 7 अन्य IPS अधिकारी भी जांच में शामिल हैं। 37 संदिग्धों से पूछताछनई SIT ने जांच शुरू करते हुए मामले से जुड़े 37 संदिग्धों और अन्य संबंधित लोगों को नोटिस देकर पूछताछ की है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी आखिर किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ DSP, इंस्पेक्टर और दारोगा स्तर के पुलिसकर्मियों को भी जांच में लगाया गया है। इससे साफ है कि जांच को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। 8 IPS अधिकारियों की टीमSIT में IG अनूप बिरथरे के अलावा DIG SCRB वाईएस रमेश, SP विशेष शाखा हृदीप पी. जनार्दनन, SP SIB सौरभ, SP पुलिस मुख्यालय निधि द्विवेदी, SP CID पूज्य प्रकाश, SP CID रोशन गुड़िया और ASP चैनपुर श्रुति शामिल हैं। क्या है पूरा मामला?JSSC CGL परीक्षा को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। परीक्षा के बाद पेपर लीक और दूसरी कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद CID ने मामले की जांच शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, CID ने पहले हाईकोर्ट में दाखिल अपने शपथपत्र में पेपर लीक से इनकार किया था। जांच एजेंसी का कहना था कि कुछ दलालों और एजेंटों ने पेपर लीक होने का दावा करके अभ्यर्थियों से पैसे वसूले थे। अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद जांच ने पकड़ा जोरमामले में TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा। रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ में परीक्षा में कथित बड़े स्तर की अनियमितताओं से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए SIT गठित की है। अब आगे क्या होगा?अब SIT परीक्षा से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सामने आए बयानों की जांच करेगी। साथ ही जिन लोगों से पूछताछ की जा रही है, उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांचा जाएगा। फिलहाल जांच जारी है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि जांच के दौरान किन लोगों की भूमिका सामने आती है और पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है। नोट: इस मामले में सामने आए आरोपों की जांच जारी है। अंतिम जिम्मेदारी और दोष तय होना जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। | Responsive Ads Here! |